Gandhi Katha

पतंजलि ऋषिकुल में गाँधी जयंती के पूर्व सत्य एवं अहिंसा के पुजारी, महायोगी, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन को समर्पित 'गाँधी कथा' का आयोजन किया गया। जिसका उद्धेश्य गाँधी के सत्य की परिधि, उसकी व्यापकता एवं उसके स्वरूपों की समझ के साथ ही भारत के भविष्य स्वरूप छात्रों को गाँधी की प्रासंगिकता पर चिंतन को प्रोत्साहित करने, व्यक्तियों और समुदायों को अधिक न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण समाज के निर्माण का प्रयास करने लिए प्रेरित करना था। जिसने वास्तव में छात्रों को गाँधीवादी विचारधारा की तरफ प्रेरित भी किया। कथा के अंत में छात्रों ने गांधी के जीवन से जुडे अनेक प्रश्न पूछे जिनका राजीव जी ने संतोषजनक उत्तर दिया। इस कथा के वाचक 'श्री राजीव वर्मा जी' रहे। कथा का प्रारंभ विद्यालय के छात्रों द्वारा किए गए भजन गायन के साथ हुआ।